रांची। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में टीएसपीसी सुप्रीमो बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता के यूपी एटीएस के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (TSPC) को बड़ा झटका लगा है। बृजेश के बाद अब संगठन के प्रमुख सक्रिय कमांडरों में शशिकांत गंझू का नाम सामने आ रहा है। सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब उसकी गतिविधियों पर है।
शशिकांत गंझू मूल रूप से पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के केदल गांव का रहने वाला बताया जाता है। उस पर झारखंड सरकार की ओर से 10 लाख रुपये का इनाम घोषित है। इसके अलावा वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के मामलों में भी वांछित बताया गया है। पलामू, चतरा, गढ़वा, लातेहार और हजारीबाग के अलावा उत्तर प्रदेश में भी उसके खिलाफ कई मामले दर्ज होने की जानकारी है।
कई मुठभेड़ों में बच निकलने का दावा
पुलिस रिकॉर्ड और उपलब्ध जानकारी के अनुसार शशिकांत लंबे समय से सुरक्षा बलों के निशाने पर रहा है। बताया जाता है कि 2010 के बाद पुलिस के साथ हुई करीब 13 मुठभेड़ों में वह बच निकलने में सफल रहा। सितंबर 2025 में पलामू के मनातू थाना क्षेत्र के केदल इलाके में भी पुलिस और उसके दस्ते के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान दो पुलिसकर्मियों के शहीद होने की जानकारी सामने आई थी।
शशिकांत को टीएसपीसी के पुराने और सक्रिय कमांडरों में गिना जाता है। उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक और नक्सली गतिविधियों से जुड़े मामले दर्ज बताए जाते हैं।
बृजेश के बाद संगठन की स्थिति पर नजर
बृजेश गंझू की मौत के बाद सुरक्षा एजेंसियां टीएसपीसी के भविष्य और उसके बचे हुए नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। संगठन के कई कमांडर पहले से जेल में हैं, जबकि कुछ मुठभेड़ों में मारे जा चुके हैं। हाल ही में जेल से बाहर आया नथुनी सिंह भी शशिकांत के संपर्क में आने की बात सामने आई है।
पुलिस की जांच में शशिकांत के अंधविश्वास से जुड़े व्यवहार का भी उल्लेख किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां उसके पुराने ठिकानों और संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।
यूपी में भी सक्रिय रहा टीएसपीसी नेटवर्क
टीएसपीसी से जुड़े कुछ कमांडरों की गतिविधियां झारखंड के बाहर भी सामने आती रही हैं। वर्ष 2025 में पलामू से सुरक्षा बलों की कार्रवाई के दौरान बच निकला टीएसपीसी कमांडर नगीना बाद में वाराणसी में पकड़ा गया था। पूछताछ के दौरान शशिकांत और उत्तर प्रदेश के बीच उसके संपर्कों से जुड़ी जानकारियां सामने आने की बात कही गई थी।
बृजेश गंझू के वाराणसी में मारे जाने के बाद अब झारखंड पुलिस के साथ-साथ NIA और अन्य सुरक्षा एजेंसियां शशिकांत गंझू की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। एजेंसियां उसके संभावित ठिकानों, संपर्कों और संगठन के बचे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हैं।
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