रांची। JSSC-CGL नियुक्ति विवाद को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को अहम अंतरिम आदेश जारी किया। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने सरकार द्वारा JSSC-CGL के तहत की गई नियुक्तियों को रद्द कर चयनित कर्मियों को हटाने के फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश से विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत नियुक्त 245 कर्मियों को राहत मिली है।
मामला JSSC-CGL विज्ञापन संख्या 10/2023 के तहत हुई नियुक्तियों से संबंधित है। राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में इन नियुक्तियों को समाप्त करने का निर्णय लिया गया था। सरकार के इस फैसले के खिलाफ निरोज समेत 245 कर्मियों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर नियुक्ति रद्द करने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की थी।
सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार के आदेश पर फिलहाल रोक लगाते हुए राज्य सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से जवाब मांगा है। दोनों पक्षों को 15 सितंबर तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरीय अधिवक्ता राजीव रंजन के साथ अधिवक्ता दीपांकर और श्रेय मिश्रा ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। याचिका में JSSC-CGL परीक्षा और उसके आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने के सरकार के निर्णय को चुनौती दी गई है।
गौरतलब है कि CID जांच से सामने आए तथ्यों के आधार पर राज्य सरकार ने 18 अगस्त की देर रात कई भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया था। सरकार की अधिसूचना में 22 परीक्षाओं को रद्द करने, छह परीक्षाओं की प्रक्रिया स्थगित करने और 17 परीक्षाओं को जांच के दायरे में रखने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद JSSC-CGL समेत कई परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं थी।
अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद JSSC-CGL के तहत नियुक्त 245 कर्मियों को फिलहाल बड़ी राहत मिली है। हालांकि, अदालत का यह अंतरिम आदेश अंतिम फैसला नहीं है। राज्य सरकार और JSSC की ओर से जवाब दाखिल किए जाने के बाद मामले में आगे सुनवाई होगी और अदालत नियुक्तियों को लेकर अपना अंतिम रुख तय करेगी।
0 Comments